एक ओळ माझीही
Sunday, November 29, 2015
देहमिलन
अंतरात मज शहारे तुज मिलनाचे,
गावू दे रात्रीस गीत विळख्यांचे
ओघळू दे ना अस्वस्थ भावनांना
कळू दे वातीला महत्व देह मिलनाचे.......
@रामास्वामी/२९११२०१५०८३८
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