एक ओळ माझीही
Tuesday, November 24, 2015
फितरत
बदलना तो उनकी फितरत है,
मौसमो से दोस्ताना जो उनका पुराना है ......
बदले मौसम कभी किसी कि बात कहा सुनते है
©रामास्वामी/१५२१२०१५१५५५
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