एक ओळ माझीही
Thursday, November 26, 2015
सुकून
सुकून
राहे इंतजार में खडे है तेरे ए सुकुन;
कहीं रास्ता तो भटक नही गये हो ?
@राम मोरे/01072015/2010
वाटेकडे डोळे तुझ्या लावुन बसलोय रे "सुखा"
रस्ता माझा विसरलास कि काय ??
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