एक ओळ माझीही
Tuesday, November 24, 2015
जमीर
जमीर
जमीर के बाजार में , अमिरो की कोई हैसियत नही होती ...
दिल किसी को देने वाले की, नियत खराब नही होती ...
आयीने तो सभी बेचा करते है, दुनिया के बाजार में ...
अन्धोकी की बस्ती में तो ,उसकी कोई किमत नही होती ...
@राम मोरे/३००७२०११/०८४३स.
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