एक ओळ माझीही
Tuesday, November 24, 2015
यारी
किति दिवस ठेवु दोस्ती यारी या दु:खान्शी....
मुकपणे
आजकाल साले रडु पण देत नाहित........
©राम मोरे/२९१०२०१२२२३०
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