Thursday, November 26, 2015

दूरिया



तकदिर मे जो लिखा है वह मिट नहि सकता.......
रहि बात दुरियोकी उसे कोयी मिटा नही सकता ......
©रामास्वामी,/१५१०२०१५२३०७ — with Vikasini Chavan.

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